टेक्नोलॉजी

अर्वाचीन आयुर्वेद भाग 14

मुद्राराक्षस के कथानक से यह मी जान सकते हैं कि चाणक्य ने विरोधियों को बिष देने के लिए ‘तीक्ष्य रसदायी’ पैघों का मी उपयोग कितनी ही बार किया है । गुप्तचरों का साधारणता कार्य यहीँ, दान, सत्य. शीष, मृदुता ओंर साधुता लोगों में पढे । कुछेक सुधारवादियों ने अशोक से पूर्व इन्हीं पाखडपूर्ण मतभेदों कै …

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