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Showing posts from April, 2017

अगर आपके घर में भी है शादी तो इन बातों का जरूर रखें ध्यान

शादी का सीजन चल रहा है। आपके घर भी आने वाली है डोली या करनी है विदाई और शादी की तारीख तय हो चुकी है। अब चिंता है तो बस इस बात की कि कैसे भी करके सब कुछ अच्छे से हो जाए और यादगार भी बन जाए।  आप भी शादी की शॉपिंग और वेन्यू से लेकर हर तरह के इंतजाम कर रहे होंगे। काम इतने सारे हैं और दिन कम। अगर आपने वेडिंग प्लानर या इवेंट मैनेजमेंट टीम की मदद नहीं ली है तो कोई बात नहीं, हड़बड़ी में तैयारी करने से बेहतर है कि सब काम योजनाबद्ध तरीके से किए जाएं। बेहतर रहेगा कि अभी से योजना बना लें और हर काम की प्राथमिकता तय कर लें। बना लें बजट हर काम से पहले जरूरी होता है बजट। आप किस तरह की शादी प्लान कर रहीं हैं, इसको सुनिश्चित करने के लिए अपना बजट तय कर लें और यह भी निर्धारित कर लें कि किस काम के लिए बजट का कितना हिस्सा निकालना है। इसी हिसाब से घर के सभी लोगों में काम की जिम्मेदारी बांट दें और सभी जरूरी कामों पर बजट का हिस्सा निकाल लें। इसके बाद ही अन्य कामों के लिए इंतजाम करें। इससे काफी आसानी हो जाती है, क्योंकि फिर आप अपने बजट के हिसाब से ही अपनी मेहनत और समय खर्च करेंगी। इसके अलावा घर के एक सदस्य ...

गर्मियों में इन तरीकों को अपनाएंगे तो नहीं होगा खाना जल्दी खराब

गर्मियों के मौसम में खाने-पीने की चीजें अधिक मात्रा में खराब होती है। जिसके कारण आपकी उस खाने को बनाने में लगी मेहनत खराब जाती है। लेकिन आपको यह बात समझ नही आती है कि आखिर खाने को खराब  होने से कैसे बचाया जाएं। जिससे ये हेल्दी होने के साथ-साथ खराब न हो।  तो हम आपको कुछ ऐसे नुस्खे बता रहे है जिनसे आप आसानी से खाने को खराब होने से बचा सकते है। जानिए इन नुस्खे के बारें में। कभी भी पका और कच्चा आहार एक साथ न रखें माना जाता है कि कच्चा और पका खाना साथ में रखने से वह जल्द ही खराब होता है। इसलिए कभी भी फ्रिज में कच्चा और पका आहार एक साथ न रख के अलग-अलग रखें। साथ ही एक साथ एक ही डिब्बे ज्यादा मात्रा में खाना न रखें। क्योंकि ऐसा करने से पूरा खाना ठंडा नहीं हो पाता। जबकि कम-कम खाना रखने पर अच्छे से तरह ठंडा होगा। ठीक ढंग से पकाएं खाना कम पके हुए खाना में बैक्टीरिया जल्दी पनपने लगते हैं और खाना जल्दी खराब हो जाता है। इसलिए खाने को अच्छे से पकाएं। इसके साथ ही जब भी खाना खाएं उससे पहले उसे एक बार गर्म जरुर करें। ताकि उस गर्म खाने में बैक्टीरिया पैदा न हो सकें। अधिक दिनों तक न रखें गर्मी क...

क्या आप जानते हैं कि एटीएम का पासवर्ड सिर्फ चार अंको का क्यों होता है ?

आजकल ज्यादातर सभी लोग एटीएम का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन लोग ये नहीं जानते होंगे कि एटीएम का पासवर्ड चार अंकों का ही क्यों होता है इमेल और इंटरनेट बैंकिंग की तरह छह अंकों का क्यों नहीं। अगर आप भी नहीं जानते हैं तो आज हम आपको बताएंगे एटीएम के पासवर्ड का चार अंकों के होने के पीछे का मजेदार और रोचक कारण। एटीएम का आविष्का र जॉन एड्रियन शेफर्ड-बेरॉन ने किया था। उन्होंने छह अंकीय पासवर्ड का प्रस्ताव रखा था। लेकिन अपनी पत्नी की वजह से उन्हें यह प्रस्ताव वापस लेना पड़ा। दरअसल, उनकी पत्नी कैरोलिन अधिकतम चार अंकों की संख्या ही याद रख सकती थी। इससे लंबी संख्याओं को याद रखने के लिये उन्हें कड़ी मशक्कत करनी पड़ती थी।  बता दें कि वैश्विक तौर पर एटीएम जिसका पूरा नाम ऑटोमैटेड टेलर मशीन है, और इसका उपयोग सन 1967 से किया जा रहा है। इसका आविष्कार करने वाले बेरॉन का जन्म भारत के पूर्वोत्तर स्थित राज्य मेघालय की राजधानी शिलॉन्ग में हुआ था।

वॉशिंग मशीन खरीदने को लेकर हैं कन्‍फ्यूज्‍ड तो जरूर पढ़ें ये खबर

वॉशिंग मशीन आम गृहिणियों से लेकर कामकाजी महिलाओं के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। इससे समय की बचत तो होती है, साथ में शारीरिक श्रम भी कम लगता है। लेकिन अक्सर मशीन खरीदने से पहले दुविधा हो जाती है कि कौन ज्यादा बेहतर होगा, ऑटोमेटिक या सेमीऑटोमेटिक? खरीदने से पहले - 6 किलोग्राम की वॉशिंग मशीन में दस कपड़े (ड्राई लोड) धोने की क्षमता होती है।  परिवार के सदस्यों की संख्या देखते हुए इससे अधिक क्षमता की वॉशिंग मशीन खरीद सकते हैं। - सेमी ऑटोमेटिक वॉशिंग मशीन में कपड़ों को वॉश टब से स्पिन टब में रखना पड़ता है, जबकि फुल ऑटोमेटिक मशीन में सिर्फ वॉश प्रोग्राम सलेक्ट करने की जरूरत पड़ती है। बाकी काम मशीन अपने-आप कर देती है।  - फुल ऑटोमेटिक वॉशिंग मशीन के कंट्रोल पैनल पर कई बटन होते हैं। कौन-सा बटन कब इस्तेमाल करना है, इसकी जानकारी खरीदारी के समय जरूर कर लें।  - फुल ऑटोमेटिक मशीन में हर प्रकार के कपड़े को धोने का विकल्प होता है। जहां पानी का प्रेशर कम होता है, वहां के लिए सेमी ऑटोमेटिक वॉशिंग मशीन खरीदना बेहतर रहेगा। कैसे करें देख-रेख  - अगर बास्केट में पानी धीमी गति से भरें, तो व...

इन उपायों से बिना एसी के भी घर रहेगा ठंड- ठंडा कूल –कूल

पूरे देश में चिलचिलाती गर्मिया का कहर देखा जा रहा है। कई राज्यों में पारा 45  डिग्री के उपर चला गया है। डॉक्टर लो गों को इस गर्मी में घर के अंदर रहने की सलाह दे रहे हैं। लेकिन इस गर्मी में घर में भी गर्मी से राहत नहीं मिल पा रही है। गर्मी के दिनों में तापमान 40  डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है। सीमेंट की गर्म छत ऊष्मा नीचे की तरफ छोड़ती है।  यही कारण है कि सिलिंग पंखे भी गर्म हवा फेंकते हैं।गर्मियों में सबसे जरूरी है कि आपके घर का तापमान सामान्य रहे। कई घरों में लोग 24  घंटे एसी चलाकर रखते हैं लेकिन न तो ये जेब के लिए अच्छा है और न ही सेहत के लिए। हर समय एसी में रहने से सेहत पर बुरा असर पड़ता है। साथ ही स्किेन भी ड्रार्इ हो जाती है। ऐसे में आप चाहें तो इन उपायों को अपनाकर अपने घर को नेचुरल तरीके से ठंडा रख सकते हैं। 1.  घर में वेंटिलेशन की सही व्यवस्था करके आप अपने घर को ठंडा रख सकते हैं। अगर वेटिलेशन सही होगा तो घर में फैली गर्म हवा को बाहर निकालने में आसानी रहती है। 2.  गर्मियों के दिनों में दोपहर को सभी सलाह देते हैं कि घर के खिड़की दरवाजें बंद रहने चाहि...

देश के इन राज्यों में किन लोगों को है लाल बत्ती के इस्तेमाल की इजाजत

मोदी सरकार ने वीवीआईपी कल्चर पर चोट करते हुए गुरुवार को गाड़ियों में लाल बत्ती के इस्तेमाल पर एक बड़ा फैसला लिया। इस फैस ले के मुताबिक अब देश में पांच लोग राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, मुख्य न्यायाधीश, प्रधानमंत्री और लोकसभा स्पीकर ही अपनी कार में लाल बत्ती का इस्तेमाल कर सकेंगे। इसके अलावा केंद्र सरकार ने पुलिस, एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड को लाल बत्ती के इस्तेमाल पर छूट दी है। आपको बताते हैं मोदी सरकार के इस फैसले से पहले वो कौन-कौन से राज्य है जिन्होंने लाल बत्ती कल्चर को सीमित किया। दिल्ली सरकार ने सबसे पहले मंत्रियों की गाड़ियों से लाल बत्ती हटवाई। साल 2014 से सिर्फ उप राज्यपाल, हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस और जज ही फ्लैशर के साथ लाल बत्ती का इस्तेमाल कर सकते हैं। वहीं दिल्ली के आर्मी जनरल ऑफिसर कमांडिंग फ्लैशर के बिना लाल बत्ती का इस्तेमाल कर सकते हैं। गुजरात में सभी मंत्रियों और जजों को अपनी गाड़ियों पर लाल बत्ती इस्तेमाल करने की इजाजत होती है। वहीं नौकरशाहों में प्रमुख शासन सचिव, गृह सचिव, परिवहन सचिव, सामान्य प्रशासन सचिव, मुख्य चुनाव अधिकारी को लाल बत्ती के इस्तेमाल की इजाजत है। लेकिन मुख...

आज से लागू हो रहे हैं कई अहम फैसले, बदल जाएगी कई व्यवस्थाओं की तस्वीर जानिए क्या हे फैसले

देशभर में 1 मई से कई बड़े फैसले लागू हो रहे हैं। इनमें सबसे महत्वपूर्ण रियल एस्टेट में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए रेरा एक्ट का लागू होना और लालबत्ती कल्चर खत्म होना है। आइए जानें सोमवार से लागू हो रहे फैसलों के बारे में.. रेरा लागू,  घर खरीदने वालों को होगा फायदा रियल एस्टेट (रेग्युलेशन एंड डेवलपमेंट ) एक्ट लागू हो रहा है। हर राज्य को रियल एस्टेट रेग्यु लेटरी अथॉरिटी बनाना होगी। इसका काम किसी भी बिल्डर के खिलाफ आई शिकायत का निवारण करना होगा। एक अगस्त के पहले रियल एस्टेट एजेंट और मौजूदा हाउसिंग प्रोजेक्ट का पंजीयन कराना जरूरी होगा। इस अवधि में काम शुरू हो चुके प्रोजेक्ट पर कोई रोक नहीं रहेगी। मध्यप्रदेश में सोमवार से (रेरा) में पंजीयन शुरू हो जाएगा। बिना पंजीयन नए हाउसिंग प्रोजेक्ट के विज्ञापन जारी नहीं होंगे। आधिकारिक वेबसाइट दोपहर बाद शुरू हो जाएगी। कोई भी व्यक्ति उस पर शिकायत, पंजीयन आदि कार्रवाई कर सकता है। निर्धारित फीस ऑनलाइन ही जमा होगी। रेरा से फायदा:  इससे सेक्टर में जवाबदेही बढ़ेगी और पारदर्शिता आएगी। सभी डेवलपर्स को प्रोजेक्ट से जुड़ी सभी जानकारी जैसे योजना, लेआउट, जमी...